मासिक शिवरात्रि 2024: सभी तिथियाँ
New Delhi के लिए 2024 की हर मासिक शिवरात्रि, तिथि के आरंभ और समाप्ति समय के साथ।
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मासिक शिवरात्रि — मंगलवार, 9 जनवरी 2024
मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 9 जन॰ 10:25 pm – 10 जन॰ 8:11 pm
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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मासिक शिवरात्रि — गुरुवार, 8 फ़रवरी 2024
पौष कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 8 फ़र॰ 11:17 am – 9 फ़र॰ 8:02 am
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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महाशिवरात्रि — शुक्रवार, 8 मार्च 2024
माघ कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 8 मार्च 9:58 pm – 9 मार्च 6:18 pm
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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मासिक शिवरात्रि — रविवार, 7 अप्रैल 2024
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 7 अप्रैल 6:54 am – 8 अप्रैल 3:21 am
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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मासिक शिवरात्रि — सोमवार, 6 मई 2024
चैत्र कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 6 मई 2:40 pm – 7 मई 11:41 am
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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मासिक शिवरात्रि — मंगलवार, 4 जून 2024
वैशाख कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 4 जून 10:01 pm – 5 जून 7:55 pm
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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मासिक शिवरात्रि — गुरुवार, 4 जुलाई 2024
ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 4 जुल॰ 5:54 am – 5 जुल॰ 4:58 am
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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मासिक शिवरात्रि — शुक्रवार, 2 अगस्त 2024
आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 2 अग॰ 3:27 pm – 3 अग॰ 3:51 pm
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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मासिक शिवरात्रि — रविवार, 1 सितंबर 2024
श्रावण कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 1 सित॰ 3:41 am – 2 सित॰ 5:22 am
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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मासिक शिवरात्रि — सोमवार, 30 सितंबर 2024
भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 30 सित॰ 7:07 pm – 1 अक्टू॰ 9:39 pm
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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मासिक शिवरात्रि — बुधवार, 30 अक्टूबर 2024
आश्विन कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 30 अक्टू॰ 1:15 pm – 31 अक्टू॰ 3:53 pm
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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मासिक शिवरात्रि — शुक्रवार, 29 नवंबर 2024
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 29 नव॰ 8:40 am – 30 नव॰ 10:30 am
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
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मासिक शिवरात्रि — रविवार, 29 दिसंबर 2024
मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी
तिथि: 29 दिस॰ 3:33 am – 30 दिस॰ 4:01 am
शिव की रात्रि पूजा; मुख्य पूजा मध्यरात्रि के आसपास।
यह कैसे काम करता है
- हर व्रत उसके शास्त्रीय नियम से रखा गया है: एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या सूर्योदय की तिथि से, प्रदोष सूर्यास्त के बाद की तिथि से, संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय की तिथि से और मासिक शिवरात्रि मध्यरात्रि की तिथि से।
- तिथि समय आपके चुने शहर के लिए सूर्य-चंद्र स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से हैं, इसलिए शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
- महीनों के नाम अमांत पंचांग के अनुसार हैं। स्थानीय और पारिवारिक परंपराएँ अलग हो सकती हैं; वहाँ अपने पुरोहित का पालन करें।
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सामान्य प्रश्न
एकादशी कितनी बार आती है?
महीने में दो बार — शुक्ल और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को। यानी वर्ष में लगभग 24 एकादशी, और अधिक मास वाले वर्ष में 26।
एकादशी की तिथि कभी-कभी दूसरे कैलेंडर से अलग क्यों होती है?
एकादशी उस दिन रखी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय वह तिथि हो, और सूर्योदय शहर पर निर्भर है। अरुणोदय (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले) के समय दशमी हो तो वैष्णव पंचांग व्रत अगले दिन रखते हैं।
प्रदोष व्रत कब रखा जाता है?
हर पक्ष की त्रयोदशी को, उस दिन जब यह तिथि सूर्यास्त के बाद के प्रदोष काल में हो — इसी समय शिव पूजा होती है।
संकष्टी चतुर्थी क्या है?
कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मासिक गणेश व्रत। यह उस दिन रखा जाता है जिस दिन चंद्रोदय के समय यह तिथि हो, और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।
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व्रत या पूजा की योजना है?
ज्योतिषी बता सकते हैं कि आपकी कुंडली के लिए कौन सा व्रत उचित है और उसकी सही विधि क्या है।