साढ़े साती और ढैय्या की तिथियाँ
आपकी चंद्र राशि पर शनि के सभी चरण।
चंद्र राशि: मिथुन · शनि अभी मीन
आप साढ़े साती में नहीं हैं
आपकी अगली साढ़े साती शुरू होगी 8 अग॰ 2029.
इस चंद्र राशि के साढ़े साती चक्र
चक्र 1: 7 जून 2000 – 16 जुल॰ 2007 बीत गया
- आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि वृषभ: 7 जून 2000 – 23 जुल॰ 2002
- शिखर (चंद्र पर)शनि मिथुन: 23 जुल॰ 2002 – 8 जन॰ 2003
- आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि वृषभ: 8 जन॰ 2003 – 7 अप्रैल 2003
- शिखर (चंद्र पर)शनि मिथुन: 7 अप्रैल 2003 – 6 सित॰ 2004
- अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि कर्क: 6 सित॰ 2004 – 13 जन॰ 2005
- शिखर (चंद्र पर)शनि मिथुन: 13 जन॰ 2005 – 26 मई 2005
- अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि कर्क: 26 मई 2005 – 1 नव॰ 2006
- अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि कर्क: 10 जन॰ 2007 – 16 जुल॰ 2007
चक्र 2: 8 अग॰ 2029 – 27 अग॰ 2036
- आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि वृषभ: 8 अग॰ 2029 – 5 अक्टू॰ 2029
- आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि वृषभ: 17 अप्रैल 2030 – 31 मई 2032
- शिखर (चंद्र पर)शनि मिथुन: 31 मई 2032 – 13 जुल॰ 2034
- अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि कर्क: 13 जुल॰ 2034 – 27 अग॰ 2036
चक्र 3: 28 मई 2059 – 3 जुल॰ 2066
- आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि वृषभ: 28 मई 2059 – 11 जुल॰ 2061
- शिखर (चंद्र पर)शनि मिथुन: 11 जुल॰ 2061 – 13 फ़र॰ 2062
- आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि वृषभ: 13 फ़र॰ 2062 – 6 मार्च 2062
- शिखर (चंद्र पर)शनि मिथुन: 6 मार्च 2062 – 24 अग॰ 2063
- अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि कर्क: 24 अग॰ 2063 – 6 फ़र॰ 2064
- शिखर (चंद्र पर)शनि मिथुन: 6 फ़र॰ 2064 – 9 मई 2064
- अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि कर्क: 9 मई 2064 – 13 अक्टू॰ 2065
- अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि कर्क: 3 फ़र॰ 2066 – 3 जुल॰ 2066
शनि ढैय्या अवधि
- कंटक शनि (4था)10 सित॰ 2009 – 15 नव॰ 2011
- कंटक शनि (4था)16 मई 2012 – 4 अग॰ 2012
- अष्टम शनि (8वाँ)24 जन॰ 2020 – 29 अप्रैल 2022
- अष्टम शनि (8वाँ)12 जुल॰ 2022 – 17 जन॰ 2023
- कंटक शनि (4था)22 अक्टू॰ 2038 – 5 अप्रैल 2039
- कंटक शनि (4था)13 जुल॰ 2039 – 27 जन॰ 2041
- कंटक शनि (4था)7 फ़र॰ 2041 – 26 सित॰ 2041
- अष्टम शनि (8वाँ)6 मार्च 2049 – 10 जुल॰ 2049
- अष्टम शनि (8वाँ)4 दिस॰ 2049 – 25 फ़र॰ 2052
तिथियाँ निरयन शनि के राशि परिवर्तन (लाहिड़ी) हैं। शनि कभी-कभी पिछली राशि में लौटता है, इसलिए कुछ चरण दोहराते हैं।
साढ़े साती कोई दंड नहीं है। इसका अनुभव इस पर निर्भर है कि शनि आपके लग्न के लिए किन भावों का स्वामी है और आप कौन सी दशा में हैं। पढ़ें: साढ़े साती बिना डर के
इसे किसी ज्योतिषी से समझें
कैलकुलेटर स्थितियाँ दिखाता है; ज्योतिषी उन्हें आपकी दशा और पूरी कुंडली के साथ पढ़ते हैं। चैट में यह पेज साझा करें ताकि वे इसी जानकारी से शुरू करें।

