साढ़े साती और ढैय्या की तिथियाँ

आपकी चंद्र राशि पर शनि के सभी चरण।

फिर से शुरू करें

चंद्र राशि: कर्क · शनि अभी मीन

आप साढ़े साती में नहीं हैं

आपकी अगली साढ़े साती शुरू होगी 31 मई 2032.

इस चंद्र राशि के साढ़े साती चक्र

चक्र 1: 23 जुल॰ 2002 – 10 सित॰ 2009 बीत गया
  1. आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि मिथुन: 23 जुल॰ 2002 – 8 जन॰ 2003
  2. आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि मिथुन: 7 अप्रैल 2003 – 6 सित॰ 2004
  3. शिखर (चंद्र पर)शनि कर्क: 6 सित॰ 2004 – 13 जन॰ 2005
  4. आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि मिथुन: 13 जन॰ 2005 – 26 मई 2005
  5. शिखर (चंद्र पर)शनि कर्क: 26 मई 2005 – 1 नव॰ 2006
  6. अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि सिंह: 1 नव॰ 2006 – 10 जन॰ 2007
  7. शिखर (चंद्र पर)शनि कर्क: 10 जन॰ 2007 – 16 जुल॰ 2007
  8. अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि सिंह: 16 जुल॰ 2007 – 10 सित॰ 2009
चक्र 2: 31 मई 2032 – 13 जुल॰ 2039
  1. आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि मिथुन: 31 मई 2032 – 13 जुल॰ 2034
  2. शिखर (चंद्र पर)शनि कर्क: 13 जुल॰ 2034 – 27 अग॰ 2036
  3. अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि सिंह: 27 अग॰ 2036 – 22 अक्टू॰ 2038
  4. अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि सिंह: 5 अप्रैल 2039 – 13 जुल॰ 2039
चक्र 3: 11 जुल॰ 2061 – 28 सित॰ 2066
  1. आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि मिथुन: 11 जुल॰ 2061 – 13 फ़र॰ 2062
  2. आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि मिथुन: 6 मार्च 2062 – 24 अग॰ 2063
  3. शिखर (चंद्र पर)शनि कर्क: 24 अग॰ 2063 – 6 फ़र॰ 2064
  4. आरोही (चंद्र से 12वाँ)शनि मिथुन: 6 फ़र॰ 2064 – 9 मई 2064
  5. शिखर (चंद्र पर)शनि कर्क: 9 मई 2064 – 13 अक्टू॰ 2065
  6. अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि सिंह: 13 अक्टू॰ 2065 – 3 फ़र॰ 2066
  7. शिखर (चंद्र पर)शनि कर्क: 3 फ़र॰ 2066 – 3 जुल॰ 2066
  8. अवरोही (चंद्र से 2रा)शनि सिंह: 3 जुल॰ 2066 – 28 सित॰ 2066
शनि ढैय्या अवधि
  1. अष्टम शनि (8वाँ)1 जन॰ 1996 – 16 फ़र॰ 1996
  2. कंटक शनि (4था)15 नव॰ 2011 – 16 मई 2012
  3. कंटक शनि (4था)4 अग॰ 2012 – 2 नव॰ 2014
  4. अष्टम शनि (8वाँ)29 अप्रैल 2022 – 12 जुल॰ 2022
  5. अष्टम शनि (8वाँ)17 जन॰ 2023 – 29 मार्च 2025
  6. कंटक शनि (4था)27 जन॰ 2041 – 7 फ़र॰ 2041
  7. कंटक शनि (4था)26 सित॰ 2041 – 11 दिस॰ 2043
  8. कंटक शनि (4था)23 जून 2044 – 30 अग॰ 2044
  9. अष्टम शनि (8वाँ)25 फ़र॰ 2052 – 14 मई 2054
  10. अष्टम शनि (8वाँ)2 सित॰ 2054 – 5 फ़र॰ 2055

तिथियाँ निरयन शनि के राशि परिवर्तन (लाहिड़ी) हैं। शनि कभी-कभी पिछली राशि में लौटता है, इसलिए कुछ चरण दोहराते हैं।

साढ़े साती कोई दंड नहीं है। इसका अनुभव इस पर निर्भर है कि शनि आपके लग्न के लिए किन भावों का स्वामी है और आप कौन सी दशा में हैं। पढ़ें: साढ़े साती बिना डर के

इसे किसी ज्योतिषी से समझें

कैलकुलेटर स्थितियाँ दिखाता है; ज्योतिषी उन्हें आपकी दशा और पूरी कुंडली के साथ पढ़ते हैं। चैट में यह पेज साझा करें ताकि वे इसी जानकारी से शुरू करें।

पारंपरिक उपाय

नीलमशुरुआत ₹15,000 शनि ग्रह शांति पूजा₹2,100

रत्न पहनने से पहले ज्योतिषी से पूछें।