अमावस्या 2070: सभी तिथियाँ
New Delhi के लिए 2070 की हर अमावस्या, तिथि के आरंभ और समाप्ति समय के साथ।
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अमावस्या — रविवार, 12 जनवरी 2070
मार्गशीर्ष कृष्ण अमावस्या
तिथि: 11 जन॰ 3:52 pm – 12 जन॰ 4:52 pm
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
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अमावस्या — मंगलवार, 11 फ़रवरी 2070
पौष कृष्ण अमावस्या
तिथि: 10 फ़र॰ 8:49 am – 11 फ़र॰ 8:22 am
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
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अमावस्या — बुधवार, 12 मार्च 2070
माघ कृष्ण अमावस्या
तिथि: 11 मार्च 11:10 pm – 12 मार्च 9:21 pm
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
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अमावस्या — शुक्रवार, 11 अप्रैल 2070
फाल्गुन कृष्ण अमावस्या
तिथि: 10 अप्रैल 10:53 am – 11 अप्रैल 8:00 am
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
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अमावस्या — शनिवार, 10 मई 2070
चैत्र कृष्ण अमावस्या
तिथि: 9 मई 8:14 pm – 10 मई 4:38 pm
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
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अमावस्या — रविवार, 8 जून 2070
वैशाख कृष्ण अमावस्या
तिथि: 8 जून 3:45 am – 8 जून 11:54 pm
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
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अमावस्या — मंगलवार, 8 जुलाई 2070
ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या
तिथि: 7 जुल॰ 10:19 am – 8 जुल॰ 6:44 am
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
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अमावस्या — बुधवार, 6 अगस्त 2070
आषाढ़ कृष्ण अमावस्या
तिथि: 5 अग॰ 5:07 pm – 6 अग॰ 2:21 pm
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
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अमावस्या — गुरुवार, 4 सितंबर 2070
श्रावण कृष्ण अमावस्या
तिथि: 4 सित॰ 1:27 am – 4 सित॰ 11:58 pm
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
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अमावस्या — शनिवार, 4 अक्टूबर 2070
भाद्रपद कृष्ण अमावस्या
तिथि: 3 अक्टू॰ 12:28 pm – 4 अक्टू॰ 12:31 pm
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
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अमावस्या — रविवार, 2 नवंबर 2070
आश्विन कृष्ण अमावस्या
तिथि: 2 नव॰ 2:46 am – 3 नव॰ 4:12 am
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
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अमावस्या — मंगलवार, 2 दिसंबर 2070
कार्तिक कृष्ण अमावस्या
तिथि: 1 दिस॰ 8:03 pm – 2 दिस॰ 10:23 pm
नया चंद्र। पितृ तर्पण और दान प्रचलित।
यह कैसे काम करता है
- हर व्रत उसके शास्त्रीय नियम से रखा गया है: एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या सूर्योदय की तिथि से, प्रदोष सूर्यास्त के बाद की तिथि से, संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय की तिथि से और मासिक शिवरात्रि मध्यरात्रि की तिथि से।
- तिथि समय आपके चुने शहर के लिए सूर्य-चंद्र स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से हैं, इसलिए शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
- महीनों के नाम अमांत पंचांग के अनुसार हैं। स्थानीय और पारिवारिक परंपराएँ अलग हो सकती हैं; वहाँ अपने पुरोहित का पालन करें।
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सामान्य प्रश्न
एकादशी कितनी बार आती है?
महीने में दो बार — शुक्ल और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को। यानी वर्ष में लगभग 24 एकादशी, और अधिक मास वाले वर्ष में 26।
एकादशी की तिथि कभी-कभी दूसरे कैलेंडर से अलग क्यों होती है?
एकादशी उस दिन रखी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय वह तिथि हो, और सूर्योदय शहर पर निर्भर है। अरुणोदय (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले) के समय दशमी हो तो वैष्णव पंचांग व्रत अगले दिन रखते हैं।
प्रदोष व्रत कब रखा जाता है?
हर पक्ष की त्रयोदशी को, उस दिन जब यह तिथि सूर्यास्त के बाद के प्रदोष काल में हो — इसी समय शिव पूजा होती है।
संकष्टी चतुर्थी क्या है?
कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मासिक गणेश व्रत। यह उस दिन रखा जाता है जिस दिन चंद्रोदय के समय यह तिथि हो, और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।
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व्रत या पूजा की योजना है?
ज्योतिषी बता सकते हैं कि आपकी कुंडली के लिए कौन सा व्रत उचित है और उसकी सही विधि क्या है।