एकादशी 1998: सभी तिथियाँ

New Delhi के लिए 1998 की हर एकादशी, तिथि के आरंभ और समाप्ति समय के साथ।

तिथि समय शहर के सूर्योदय से बदलते हैं।

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  1. पौष पुत्रदा एकादशी — गुरुवार, 8 जनवरी 1998

    पौष शुक्ल एकादशी

    तिथि: 8 जन॰ 3:19 am – 9 जन॰ 1:49 am

    पारण: अगली सुबह 7:15 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  2. षटतिला एकादशी — शनिवार, 24 जनवरी 1998

    पौष कृष्ण एकादशी

    तिथि: 23 जन॰ 5:06 pm – 24 जन॰ 5:22 pm

    पारण: अगली सुबह 7:12 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  3. जया एकादशी — शनिवार, 7 फ़रवरी 1998

    माघ शुक्ल एकादशी

    तिथि: 6 फ़र॰ 1:27 pm – 7 फ़र॰ 1:02 pm

    पारण: अगली सुबह 7:05 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  4. विजया एकादशी — सोमवार, 23 फ़रवरी 1998

    माघ कृष्ण एकादशी

    तिथि: 22 फ़र॰ 10:03 am – 23 फ़र॰ 9:05 am

    पारण: अगली सुबह 6:51 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  5. आमलकी एकादशी — रविवार, 8 मार्च 1998

    फाल्गुन शुक्ल एकादशी

    तिथि: 8 मार्च 1:35 am – 9 मार्च 2:25 am

    पारण: अगली सुबह 6:38 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  6. पापमोचनी एकादशी — मंगलवार, 24 मार्च 1998

    फाल्गुन कृष्ण एकादशी

    तिथि: 23 मार्च 11:34 pm – 24 मार्च 9:39 pm

    पारण: अगली सुबह 6:19 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  7. कामदा एकादशी — मंगलवार, 7 अप्रैल 1998

    चैत्र शुक्ल एकादशी

    तिथि: 6 अप्रैल 3:58 pm – 7 अप्रैल 5:53 pm

    पारण: अगली सुबह 6:03 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  8. वरूथिनी एकादशी — गुरुवार, 23 अप्रैल 1998

    चैत्र कृष्ण एकादशी

    तिथि: 22 अप्रैल 9:42 am – 23 अप्रैल 7:08 am

    पारण: अगली सुबह 5:47 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  9. मोहिनी एकादशी — गुरुवार, 7 मई 1998

    वैशाख शुक्ल एकादशी

    तिथि: 6 मई 8:08 am – 7 मई 10:40 am

    पारण: अगली सुबह 5:35 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  10. अपरा एकादशी — शुक्रवार, 22 मई 1998

    वैशाख कृष्ण एकादशी

    तिथि: 21 मई 4:57 pm – 22 मई 2:07 pm

    पारण: अगली सुबह 5:26 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  11. निर्जला एकादशी — शुक्रवार, 5 जून 1998

    ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी

    तिथि: 5 जून 1:10 am – 6 जून 3:36 am

    पारण: अगली सुबह 5:22 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  12. योगिनी एकादशी — शनिवार, 20 जून 1998

    ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी

    तिथि: 19 जून 10:17 pm – 20 जून 7:36 pm

    पारण: अगली सुबह 5:23 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  13. देवशयनी एकादशी — रविवार, 5 जुलाई 1998

    आषाढ़ शुक्ल एकादशी

    तिथि: 4 जुल॰ 6:02 pm – 5 जुल॰ 7:49 pm

    पारण: अगली सुबह 5:28 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  14. कामिका एकादशी — रविवार, 19 जुलाई 1998

    आषाढ़ कृष्ण एकादशी

    तिथि: 19 जुल॰ 3:05 am – 20 जुल॰ 12:58 am

    पारण: अगली सुबह 5:35 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  15. श्रावण पुत्रदा एकादशी — मंगलवार, 4 अगस्त 1998

    श्रावण शुक्ल एकादशी

    तिथि: 3 अग॰ 10:05 am – 4 अग॰ 10:54 am

    पारण: अगली सुबह 5:44 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  16. अजा एकादशी — मंगलवार, 18 अगस्त 1998

    श्रावण कृष्ण एकादशी

    तिथि: 17 अग॰ 8:55 am – 18 अग॰ 7:46 am

    पारण: अगली सुबह 5:52 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  17. परिवर्तिनी एकादशी — बुधवार, 2 सितंबर 1998

    भाद्रपद शुक्ल एकादशी

    तिथि: 2 सित॰ 1:03 am – 3 सित॰ 12:45 am

    पारण: अगली सुबह 5:59 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  18. इंदिरा एकादशी — बुधवार, 16 सितंबर 1998

    भाद्रपद कृष्ण एकादशी

    तिथि: 15 सित॰ 5:18 pm – 16 सित॰ 5:25 pm

    पारण: अगली सुबह 6:06 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  19. पापांकुशा एकादशी — शुक्रवार, 2 अक्टूबर 1998

    आश्विन शुक्ल एकादशी

    तिथि: 1 अक्टू॰ 2:45 pm – 2 अक्टू॰ 1:24 pm

    पारण: अगली सुबह 6:14 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  20. रमा एकादशी — गुरुवार, 15 अक्टूबर 1998

    आश्विन कृष्ण एकादशी

    तिथि: 15 अक्टू॰ 5:24 am – 16 अक्टू॰ 6:47 am

    पारण: अगली सुबह 6:22 am के बाद

    वैष्णव (इस्कॉन) परंपरा में यह एकादशी शुक्रवार, 16 अक्टू॰ को.

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  21. देवउठनी एकादशी — शनिवार, 31 अक्टूबर 1998

    कार्तिक शुक्ल एकादशी

    तिथि: 31 अक्टू॰ 3:00 am – 1 नव॰ 12:46 am

    पारण: अगली सुबह 6:32 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  22. उत्पन्ना एकादशी — शनिवार, 14 नवंबर 1998

    कार्तिक कृष्ण एकादशी

    तिथि: 13 नव॰ 9:33 pm – 14 नव॰ 11:51 pm

    पारण: अगली सुबह 6:43 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  23. मोक्षदा एकादशी — सोमवार, 30 नवंबर 1998

    मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी

    तिथि: 29 नव॰ 1:37 pm – 30 नव॰ 10:52 am

    पारण: अगली सुबह 6:56 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  24. सफला एकादशी — सोमवार, 14 दिसंबर 1998

    मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी

    तिथि: 13 दिस॰ 5:00 pm – 14 दिस॰ 7:38 pm

    पारण: अगली सुबह 7:05 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  25. पौष पुत्रदा एकादशी — मंगलवार, 29 दिसंबर 1998

    पौष शुक्ल एकादशी

    तिथि: 28 दिस॰ 10:48 pm – 29 दिस॰ 8:00 pm

    पारण: अगली सुबह 7:13 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

इस महीने के सभी व्रत देखें

यह कैसे काम करता है

  • हर व्रत उसके शास्त्रीय नियम से रखा गया है: एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या सूर्योदय की तिथि से, प्रदोष सूर्यास्त के बाद की तिथि से, संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय की तिथि से और मासिक शिवरात्रि मध्यरात्रि की तिथि से।
  • तिथि समय आपके चुने शहर के लिए सूर्य-चंद्र स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से हैं, इसलिए शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
  • महीनों के नाम अमांत पंचांग के अनुसार हैं। स्थानीय और पारिवारिक परंपराएँ अलग हो सकती हैं; वहाँ अपने पुरोहित का पालन करें।

सामान्य प्रश्न

एकादशी कितनी बार आती है?

महीने में दो बार — शुक्ल और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को। यानी वर्ष में लगभग 24 एकादशी, और अधिक मास वाले वर्ष में 26।

एकादशी की तिथि कभी-कभी दूसरे कैलेंडर से अलग क्यों होती है?

एकादशी उस दिन रखी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय वह तिथि हो, और सूर्योदय शहर पर निर्भर है। अरुणोदय (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले) के समय दशमी हो तो वैष्णव पंचांग व्रत अगले दिन रखते हैं।

प्रदोष व्रत कब रखा जाता है?

हर पक्ष की त्रयोदशी को, उस दिन जब यह तिथि सूर्यास्त के बाद के प्रदोष काल में हो — इसी समय शिव पूजा होती है।

संकष्टी चतुर्थी क्या है?

कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मासिक गणेश व्रत। यह उस दिन रखा जाता है जिस दिन चंद्रोदय के समय यह तिथि हो, और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।

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