एकादशी 2041: सभी तिथियाँ

New Delhi के लिए 2041 की हर एकादशी, तिथि के आरंभ और समाप्ति समय के साथ।

तिथि समय शहर के सूर्योदय से बदलते हैं।

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  1. पौष पुत्रदा एकादशी — शनिवार, 12 जनवरी 2041

    पौष शुक्ल एकादशी

    तिथि: 12 जन॰ 3:42 am – 13 जन॰ 4:47 am

    पारण: अगली सुबह 7:15 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  2. षटतिला एकादशी — सोमवार, 28 जनवरी 2041

    पौष कृष्ण एकादशी

    तिथि: 28 जन॰ 2:42 am – 29 जन॰ 12:44 am

    पारण: अगली सुबह 7:10 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  3. जया एकादशी — सोमवार, 11 फ़रवरी 2041

    माघ शुक्ल एकादशी

    तिथि: 10 फ़र॰ 7:59 pm – 11 फ़र॰ 10:01 pm

    पारण: अगली सुबह 7:01 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  4. विजया एकादशी — बुधवार, 27 फ़रवरी 2041

    माघ कृष्ण एकादशी

    तिथि: 26 फ़र॰ 2:09 pm – 27 फ़र॰ 11:27 am

    पारण: अगली सुबह 6:47 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  5. आमलकी एकादशी — बुधवार, 13 मार्च 2041

    फाल्गुन शुक्ल एकादशी

    तिथि: 12 मार्च 2:11 pm – 13 मार्च 4:40 pm

    पारण: अगली सुबह 6:31 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  6. पापमोचनी एकादशी — गुरुवार, 28 मार्च 2041

    फाल्गुन कृष्ण एकादशी

    तिथि: 27 मार्च 10:33 pm – 28 मार्च 7:38 pm

    पारण: अगली सुबह 6:14 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  7. कामदा एकादशी — शुक्रवार, 12 अप्रैल 2041

    चैत्र शुक्ल एकादशी

    तिथि: 11 अप्रैल 8:58 am – 12 अप्रैल 11:21 am

    पारण: अगली सुबह 5:57 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  8. वरूथिनी एकादशी — शुक्रवार, 26 अप्रैल 2041

    चैत्र कृष्ण एकादशी

    तिथि: 26 अप्रैल 4:54 am – 27 अप्रैल 2:19 am

    पारण: अगली सुबह 5:43 am के बाद

    वैष्णव (इस्कॉन) परंपरा में यह एकादशी शनिवार, 27 अप्रैल को.

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  9. मोहिनी एकादशी — शनिवार, 11 मई 2041

    वैशाख शुक्ल एकादशी

    तिथि: 11 मई 3:06 am – 12 मई 4:53 am

    पारण: अगली सुबह 5:32 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  10. अपरा एकादशी — रविवार, 26 मई 2041

    वैशाख कृष्ण एकादशी

    तिथि: 25 मई 10:34 am – 26 मई 8:44 am

    पारण: अगली सुबह 5:25 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  11. निर्जला एकादशी — सोमवार, 10 जून 2041

    ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी

    तिथि: 9 जून 7:39 pm – 10 जून 8:25 pm

    पारण: अगली सुबह 5:22 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  12. योगिनी एकादशी — सोमवार, 24 जून 2041

    ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी

    तिथि: 23 जून 4:55 pm – 24 जून 4:06 pm

    पारण: अगली सुबह 5:25 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  13. देवशयनी एकादशी — बुधवार, 10 जुलाई 2041

    आषाढ़ शुक्ल एकादशी

    तिथि: 9 जुल॰ 10:01 am – 10 जुल॰ 9:33 am

    पारण: अगली सुबह 5:31 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  14. कामिका एकादशी — मंगलवार, 23 जुलाई 2041

    आषाढ़ कृष्ण एकादशी

    तिथि: 23 जुल॰ 1:07 am – 24 जुल॰ 1:25 am

    पारण: अगली सुबह 5:38 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  15. श्रावण पुत्रदा एकादशी — गुरुवार, 8 अगस्त 2041

    श्रावण शुक्ल एकादशी

    तिथि: 7 अग॰ 9:58 pm – 8 अग॰ 8:19 pm

    पारण: अगली सुबह 5:47 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  16. अजा एकादशी — गुरुवार, 22 अगस्त 2041

    श्रावण कृष्ण एकादशी

    तिथि: 21 अग॰ 12:04 pm – 22 अग॰ 1:23 pm

    पारण: अगली सुबह 5:54 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  17. परिवर्तिनी एकादशी — शुक्रवार, 6 सितंबर 2041

    भाद्रपद शुक्ल एकादशी

    तिथि: 6 सित॰ 7:47 am – 7 सित॰ 5:16 am

    पारण: अगली सुबह 6:02 am के बाद

    वैष्णव (इस्कॉन) परंपरा में यह एकादशी शनिवार, 7 सित॰ को.

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  18. इंदिरा एकादशी — शुक्रवार, 20 सितंबर 2041

    भाद्रपद कृष्ण एकादशी

    तिथि: 20 सित॰ 2:17 am – 21 सित॰ 4:24 am

    पारण: अगली सुबह 6:09 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  19. पापांकुशा एकादशी — रविवार, 6 अक्टूबर 2041

    आश्विन शुक्ल एकादशी

    तिथि: 5 अक्टू॰ 4:08 pm – 6 अक्टू॰ 1:14 pm

    पारण: अगली सुबह 6:17 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  20. रमा एकादशी — रविवार, 20 अक्टूबर 2041

    आश्विन कृष्ण एकादशी

    तिथि: 19 अक्टू॰ 7:48 pm – 20 अक्टू॰ 10:21 pm

    पारण: अगली सुबह 6:25 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  21. देवउठनी एकादशी — सोमवार, 4 नवंबर 2041

    कार्तिक शुक्ल एकादशी

    तिथि: 3 नव॰ 11:54 pm – 4 नव॰ 9:11 pm

    पारण: अगली सुबह 6:36 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  22. उत्पन्ना एकादशी — मंगलवार, 19 नवंबर 2041

    कार्तिक कृष्ण एकादशी

    तिथि: 18 नव॰ 3:55 pm – 19 नव॰ 6:18 pm

    पारण: अगली सुबह 6:47 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  23. मोक्षदा एकादशी — मंगलवार, 3 दिसंबर 2041

    मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी

    तिथि: 3 दिस॰ 8:01 am – 4 दिस॰ 5:55 am

    पारण: अगली सुबह 6:58 am के बाद

    वैष्णव (इस्कॉन) परंपरा में यह एकादशी बुधवार, 4 दिस॰ को.

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

  24. सफला एकादशी — गुरुवार, 19 दिसंबर 2041

    मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी

    तिथि: 18 दिस॰ 12:59 pm – 19 दिस॰ 2:32 pm

    पारण: अगली सुबह 7:09 am के बाद

    सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण।

इस महीने के सभी व्रत देखें

यह कैसे काम करता है

  • हर व्रत उसके शास्त्रीय नियम से रखा गया है: एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या सूर्योदय की तिथि से, प्रदोष सूर्यास्त के बाद की तिथि से, संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय की तिथि से और मासिक शिवरात्रि मध्यरात्रि की तिथि से।
  • तिथि समय आपके चुने शहर के लिए सूर्य-चंद्र स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से हैं, इसलिए शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
  • महीनों के नाम अमांत पंचांग के अनुसार हैं। स्थानीय और पारिवारिक परंपराएँ अलग हो सकती हैं; वहाँ अपने पुरोहित का पालन करें।

सामान्य प्रश्न

एकादशी कितनी बार आती है?

महीने में दो बार — शुक्ल और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को। यानी वर्ष में लगभग 24 एकादशी, और अधिक मास वाले वर्ष में 26।

एकादशी की तिथि कभी-कभी दूसरे कैलेंडर से अलग क्यों होती है?

एकादशी उस दिन रखी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय वह तिथि हो, और सूर्योदय शहर पर निर्भर है। अरुणोदय (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले) के समय दशमी हो तो वैष्णव पंचांग व्रत अगले दिन रखते हैं।

प्रदोष व्रत कब रखा जाता है?

हर पक्ष की त्रयोदशी को, उस दिन जब यह तिथि सूर्यास्त के बाद के प्रदोष काल में हो — इसी समय शिव पूजा होती है।

संकष्टी चतुर्थी क्या है?

कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मासिक गणेश व्रत। यह उस दिन रखा जाता है जिस दिन चंद्रोदय के समय यह तिथि हो, और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।

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