प्रदोष व्रत 1952: सभी तिथियाँ
New Delhi के लिए 1952 की हर प्रदोष व्रत, तिथि के आरंभ और समाप्ति समय के साथ।
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बुध प्रदोष व्रत — बुधवार, 9 जनवरी 1952
पौष शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 9 जन॰ 3:07 am – 10 जन॰ 5:21 am
प्रदोष काल: 5:40 pm – 8:04 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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गुरु प्रदोष व्रत — गुरुवार, 24 जनवरी 1952
पौष कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 24 जन॰ 2:52 pm – 25 जन॰ 11:24 am
प्रदोष काल: 5:52 pm – 8:16 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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शुक्र प्रदोष व्रत — शुक्रवार, 8 फ़रवरी 1952
माघ शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 7 फ़र॰ 10:16 pm – 9 फ़र॰ 12:56 am
प्रदोष काल: 6:05 pm – 8:29 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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शनि प्रदोष व्रत — शनिवार, 23 फ़रवरी 1952
माघ कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 23 फ़र॰ 12:39 am – 23 फ़र॰ 9:21 pm
प्रदोष काल: 6:16 pm – 8:40 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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शनि प्रदोष व्रत — शनिवार, 8 मार्च 1952
फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 8 मार्च 6:05 pm – 9 मार्च 8:23 pm
प्रदोष काल: 6:25 pm – 8:49 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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रवि प्रदोष व्रत — रविवार, 23 मार्च 1952
फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 23 मार्च 9:17 am – 24 मार्च 6:36 am
प्रदोष काल: 6:34 pm – 8:58 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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सोम प्रदोष व्रत — सोमवार, 7 अप्रैल 1952
चैत्र शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 7 अप्रैल 12:40 pm – 8 अप्रैल 1:52 pm
प्रदोष काल: 6:42 pm – 9:06 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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सोम प्रदोष व्रत — सोमवार, 21 अप्रैल 1952
चैत्र कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 21 अप्रैल 5:22 pm – 22 अप्रैल 3:36 pm
प्रदोष काल: 6:50 pm – 9:14 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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बुध प्रदोष व्रत — बुधवार, 7 मई 1952
वैशाख शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 7 मई 4:34 am – 8 मई 4:17 am
प्रदोष काल: 6:59 pm – 9:23 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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बुध प्रदोष व्रत — बुधवार, 21 मई 1952
वैशाख कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 21 मई 1:41 am – 22 मई 1:03 am
प्रदोष काल: 7:08 pm – 9:32 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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गुरु प्रदोष व्रत — गुरुवार, 5 जून 1952
ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 5 जून 5:20 pm – 6 जून 3:39 pm
प्रदोष काल: 7:16 pm – 9:40 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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गुरु प्रदोष व्रत — गुरुवार, 19 जून 1952
ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 19 जून 11:12 am – 20 जून 11:47 am
प्रदोष काल: 7:21 pm – 9:45 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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शनि प्रदोष व्रत — शनिवार, 5 जुलाई 1952
आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 5 जुल॰ 3:28 am – 6 जुल॰ 12:45 am
प्रदोष काल: 7:22 pm – 9:46 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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शनि प्रदोष व्रत — शनिवार, 19 जुलाई 1952
आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 18 जुल॰ 10:49 pm – 20 जुल॰ 12:33 am
प्रदोष काल: 7:19 pm – 9:43 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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रवि प्रदोष व्रत — रविवार, 3 अगस्त 1952
श्रावण शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 3 अग॰ 11:52 am – 4 अग॰ 8:34 am
प्रदोष काल: 7:10 pm – 9:34 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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रवि प्रदोष व्रत — रविवार, 17 अगस्त 1952
श्रावण कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 17 अग॰ 1:07 pm – 18 अग॰ 3:37 pm
प्रदोष काल: 6:58 pm – 9:22 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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सोम प्रदोष व्रत — सोमवार, 1 सितंबर 1952
भाद्रपद शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 1 सित॰ 7:28 pm – 2 सित॰ 4:02 pm
प्रदोष काल: 6:42 pm – 9:06 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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भौम प्रदोष व्रत — मंगलवार, 16 सितंबर 1952
भाद्रपद कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 16 सित॰ 5:55 am – 17 सित॰ 8:30 am
प्रदोष काल: 6:25 pm – 8:49 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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बुध प्रदोष व्रत — बुधवार, 1 अक्टूबर 1952
आश्विन शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 1 अक्टू॰ 3:03 am – 1 अक्टू॰ 11:55 pm
प्रदोष काल: 6:07 pm – 8:31 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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गुरु प्रदोष व्रत — गुरुवार, 16 अक्टूबर 1952
आश्विन कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 16 अक्टू॰ 12:15 am – 17 अक्टू॰ 2:06 am
प्रदोष काल: 5:50 pm – 8:14 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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गुरु प्रदोष व्रत — गुरुवार, 30 अक्टूबर 1952
कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 30 अक्टू॰ 11:20 am – 31 अक्टू॰ 8:54 am
प्रदोष काल: 5:37 pm – 8:01 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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शुक्र प्रदोष व्रत — शुक्रवार, 14 नवंबर 1952
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 14 नव॰ 6:40 pm – 15 नव॰ 7:13 pm
प्रदोष काल: 5:28 pm – 7:52 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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शनि प्रदोष व्रत — शनिवार, 29 नवंबर 1952
मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 28 नव॰ 9:01 pm – 29 नव॰ 7:42 pm
प्रदोष काल: 5:24 pm – 7:48 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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रवि प्रदोष व्रत — रविवार, 14 दिसंबर 1952
मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी
तिथि: 14 दिस॰ 11:59 am – 15 दिस॰ 11:06 am
प्रदोष काल: 5:25 pm – 7:49 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
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रवि प्रदोष व्रत — रविवार, 28 दिसंबर 1952
पौष शुक्ल त्रयोदशी
तिथि: 28 दिस॰ 8:57 am – 29 दिस॰ 9:02 am
प्रदोष काल: 5:32 pm – 7:56 pm
सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़ घंटे में शिव पूजा।
यह कैसे काम करता है
- हर व्रत उसके शास्त्रीय नियम से रखा गया है: एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या सूर्योदय की तिथि से, प्रदोष सूर्यास्त के बाद की तिथि से, संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय की तिथि से और मासिक शिवरात्रि मध्यरात्रि की तिथि से।
- तिथि समय आपके चुने शहर के लिए सूर्य-चंद्र स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से हैं, इसलिए शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
- महीनों के नाम अमांत पंचांग के अनुसार हैं। स्थानीय और पारिवारिक परंपराएँ अलग हो सकती हैं; वहाँ अपने पुरोहित का पालन करें।
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सामान्य प्रश्न
एकादशी कितनी बार आती है?
महीने में दो बार — शुक्ल और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को। यानी वर्ष में लगभग 24 एकादशी, और अधिक मास वाले वर्ष में 26।
एकादशी की तिथि कभी-कभी दूसरे कैलेंडर से अलग क्यों होती है?
एकादशी उस दिन रखी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय वह तिथि हो, और सूर्योदय शहर पर निर्भर है। अरुणोदय (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले) के समय दशमी हो तो वैष्णव पंचांग व्रत अगले दिन रखते हैं।
प्रदोष व्रत कब रखा जाता है?
हर पक्ष की त्रयोदशी को, उस दिन जब यह तिथि सूर्यास्त के बाद के प्रदोष काल में हो — इसी समय शिव पूजा होती है।
संकष्टी चतुर्थी क्या है?
कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मासिक गणेश व्रत। यह उस दिन रखा जाता है जिस दिन चंद्रोदय के समय यह तिथि हो, और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।
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व्रत या पूजा की योजना है?
ज्योतिषी बता सकते हैं कि आपकी कुंडली के लिए कौन सा व्रत उचित है और उसकी सही विधि क्या है।