पूर्णिमा 2083: सभी तिथियाँ

New Delhi के लिए 2083 की हर पूर्णिमा, तिथि के आरंभ और समाप्ति समय के साथ।

तिथि समय शहर के सूर्योदय से बदलते हैं।

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  1. पूर्णिमा — रविवार, 3 जनवरी 2083

    पौष शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 3 जन॰ 7:07 am – 4 जन॰ 8:02 am

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  2. पूर्णिमा — मंगलवार, 2 फ़रवरी 2083

    माघ शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 2 फ़र॰ 12:20 am – 2 फ़र॰ 11:50 pm

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  3. पूर्णिमा — गुरुवार, 4 मार्च 2083

    फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 3 मार्च 3:02 pm – 4 मार्च 1:04 pm

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  4. पूर्णिमा — शुक्रवार, 2 अप्रैल 2083

    चैत्र शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 2 अप्रैल 2:46 am – 2 अप्रैल 11:36 pm

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  5. पूर्णिमा — रविवार, 2 मई 2083

    वैशाख शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 1 मई 11:50 am – 2 मई 7:59 am

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  6. पूर्णिमा — सोमवार, 31 मई 2083

    ज्येष्ठ (अधिक) शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 30 मई 7:07 pm – 31 मई 3:11 pm

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  7. पूर्णिमा — मंगलवार, 29 जून 2083

    ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 29 जून 1:46 am – 29 जून 10:21 pm

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  8. पूर्णिमा — गुरुवार, 29 जुलाई 2083

    आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 28 जुल॰ 8:58 am – 29 जुल॰ 6:30 am

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  9. पूर्णिमा — शुक्रवार, 27 अगस्त 2083

    श्रावण शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 26 अग॰ 5:43 pm – 27 अग॰ 4:29 pm

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  10. पूर्णिमा — शनिवार, 25 सितंबर 2083

    भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 25 सित॰ 4:48 am – 26 सित॰ 4:54 am

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  11. पूर्णिमा — सोमवार, 25 अक्टूबर 2083

    आश्विन शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 24 अक्टू॰ 6:43 pm – 25 अक्टू॰ 8:05 pm

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  12. पूर्णिमा — बुधवार, 24 नवंबर 2083

    कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 23 नव॰ 11:33 am – 24 नव॰ 1:52 pm

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

  13. पूर्णिमा — गुरुवार, 23 दिसंबर 2083

    मार्गशीर्ष शुक्ल पूर्णिमा

    तिथि: 23 दिस॰ 6:43 am – 24 दिस॰ 9:21 am

    पूर्ण चंद्र। सत्यनारायण कथा और स्नान-दान प्रचलित।

इस महीने के सभी व्रत देखें

यह कैसे काम करता है

  • हर व्रत उसके शास्त्रीय नियम से रखा गया है: एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या सूर्योदय की तिथि से, प्रदोष सूर्यास्त के बाद की तिथि से, संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय की तिथि से और मासिक शिवरात्रि मध्यरात्रि की तिथि से।
  • तिथि समय आपके चुने शहर के लिए सूर्य-चंद्र स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से हैं, इसलिए शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
  • महीनों के नाम अमांत पंचांग के अनुसार हैं। स्थानीय और पारिवारिक परंपराएँ अलग हो सकती हैं; वहाँ अपने पुरोहित का पालन करें।

सामान्य प्रश्न

एकादशी कितनी बार आती है?

महीने में दो बार — शुक्ल और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को। यानी वर्ष में लगभग 24 एकादशी, और अधिक मास वाले वर्ष में 26।

एकादशी की तिथि कभी-कभी दूसरे कैलेंडर से अलग क्यों होती है?

एकादशी उस दिन रखी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय वह तिथि हो, और सूर्योदय शहर पर निर्भर है। अरुणोदय (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले) के समय दशमी हो तो वैष्णव पंचांग व्रत अगले दिन रखते हैं।

प्रदोष व्रत कब रखा जाता है?

हर पक्ष की त्रयोदशी को, उस दिन जब यह तिथि सूर्यास्त के बाद के प्रदोष काल में हो — इसी समय शिव पूजा होती है।

संकष्टी चतुर्थी क्या है?

कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मासिक गणेश व्रत। यह उस दिन रखा जाता है जिस दिन चंद्रोदय के समय यह तिथि हो, और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।

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व्रत या पूजा की योजना है?

ज्योतिषी बता सकते हैं कि आपकी कुंडली के लिए कौन सा व्रत उचित है और उसकी सही विधि क्या है।