संकष्टी चतुर्थी 1966: सभी तिथियाँ

New Delhi के लिए 1966 की हर संकष्टी चतुर्थी, तिथि के आरंभ और समाप्ति समय के साथ।

तिथि समय शहर के सूर्योदय से बदलते हैं।

1965 1967
फिर से शुरू करें
  1. संकष्टी चतुर्थी — सोमवार, 10 जनवरी 1966

    पौष कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 10 जन॰ 12:09 am – 10 जन॰ 8:54 pm

    चंद्रोदय: 9:20 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  2. संकष्टी चतुर्थी — मंगलवार, 8 फ़रवरी 1966

    माघ कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 8 फ़र॰ 10:12 am – 9 फ़र॰ 7:11 am

    चंद्रोदय: 9:15 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  3. संकष्टी चतुर्थी — बुधवार, 9 मार्च 1966

    फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 9 मार्च 9:16 pm – 10 मार्च 7:04 pm

    चंद्रोदय: 9:04 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  4. संकष्टी चतुर्थी — शुक्रवार, 8 अप्रैल 1966

    चैत्र कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 8 अप्रैल 9:37 am – 9 अप्रैल 8:34 am

    चंद्रोदय: 9:58 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  5. संकष्टी चतुर्थी — रविवार, 8 मई 1966

    वैशाख कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 7 मई 11:10 pm – 8 मई 11:21 pm

    चंद्रोदय: 10:45 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  6. संकष्टी चतुर्थी — सोमवार, 6 जून 1966

    ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 6 जून 1:44 pm – 7 जून 3:01 pm

    चंद्रोदय: 10:17 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  7. संकष्टी चतुर्थी — बुधवार, 6 जुलाई 1966

    आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 6 जुल॰ 5:05 am – 7 जुल॰ 7:11 am

    चंद्रोदय: 10:11 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  8. संकष्टी चतुर्थी — गुरुवार, 4 अगस्त 1966

    श्रावण (अधिक) कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 4 अग॰ 8:59 pm – 5 अग॰ 11:28 pm

    चंद्रोदय: 9:12 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  9. संकष्टी चतुर्थी — शनिवार, 3 सितंबर 1966

    श्रावण कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 3 सित॰ 1:03 pm – 4 सित॰ 3:18 pm

    चंद्रोदय: 8:37 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  10. संकष्टी चतुर्थी — सोमवार, 3 अक्टूबर 1966

    भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 3 अक्टू॰ 4:34 am – 4 अक्टू॰ 6:00 am

    चंद्रोदय: 8:13 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  11. संकष्टी चतुर्थी — मंगलवार, 1 नवंबर 1966

    आश्विन कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 1 नव॰ 6:44 pm – 2 नव॰ 6:55 pm

    चंद्रोदय: 7:34 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  12. संकष्टी चतुर्थी — गुरुवार, 1 दिसंबर 1966

    कार्तिक कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 1 दिस॰ 7:05 am – 2 दिस॰ 5:55 am

    चंद्रोदय: 8:16 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

  13. संकष्टी चतुर्थी — शुक्रवार, 30 दिसंबर 1966

    मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी

    तिथि: 30 दिस॰ 5:44 pm – 31 दिस॰ 3:28 pm

    चंद्रोदय: 8:19 pm

    गणेश व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है।

इस महीने के सभी व्रत देखें

यह कैसे काम करता है

  • हर व्रत उसके शास्त्रीय नियम से रखा गया है: एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या सूर्योदय की तिथि से, प्रदोष सूर्यास्त के बाद की तिथि से, संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय की तिथि से और मासिक शिवरात्रि मध्यरात्रि की तिथि से।
  • तिथि समय आपके चुने शहर के लिए सूर्य-चंद्र स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से हैं, इसलिए शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
  • महीनों के नाम अमांत पंचांग के अनुसार हैं। स्थानीय और पारिवारिक परंपराएँ अलग हो सकती हैं; वहाँ अपने पुरोहित का पालन करें।

सामान्य प्रश्न

एकादशी कितनी बार आती है?

महीने में दो बार — शुक्ल और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को। यानी वर्ष में लगभग 24 एकादशी, और अधिक मास वाले वर्ष में 26।

एकादशी की तिथि कभी-कभी दूसरे कैलेंडर से अलग क्यों होती है?

एकादशी उस दिन रखी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय वह तिथि हो, और सूर्योदय शहर पर निर्भर है। अरुणोदय (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले) के समय दशमी हो तो वैष्णव पंचांग व्रत अगले दिन रखते हैं।

प्रदोष व्रत कब रखा जाता है?

हर पक्ष की त्रयोदशी को, उस दिन जब यह तिथि सूर्यास्त के बाद के प्रदोष काल में हो — इसी समय शिव पूजा होती है।

संकष्टी चतुर्थी क्या है?

कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मासिक गणेश व्रत। यह उस दिन रखा जाता है जिस दिन चंद्रोदय के समय यह तिथि हो, और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।

और पढ़ें

व्रत या पूजा की योजना है?

ज्योतिषी बता सकते हैं कि आपकी कुंडली के लिए कौन सा व्रत उचित है और उसकी सही विधि क्या है।