पंचांग — सोमवार, 28 सितंबर 2026
New Delhi · Asia/Kolkata
- वार
- सोमवार स्वामी: चंद्र
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया 7:13 pm तक
- नक्षत्र
- रेवती चरण 4 10:16 am तक
- योग
- ध्रुव 8:53 am तक
- करण
- तैतिल 8:09 am तक
- सूर्य और चंद्र
- कन्या · मीन सूर्योदय पर निरयन राशियाँ
- सूर्योदय · सूर्यास्त
- 6:12 am · 6:10 pm
- चंद्रोदय · चंद्रास्त
- 7:00 pm · 7:38 am
- अयनांश (लाहिड़ी)
- 24.2289°
ध्यान देने योग्य समय
आज नए कार्य के लिए स्वच्छ समय: 6:12 am–7:42 am (अमृत चौघड़िया), 9:12 am–10:41 am (शुभ चौघड़िया), 3:11 pm–4:41 pm (लाभ चौघड़िया), 4:41 pm–6:10 pm (अमृत चौघड़िया).
चौघड़िया
दिन
- अमृत उत्तम6:12 am – 7:42 am
- काल वर्जित7:42 am – 9:12 am
- शुभ शुभ9:12 am – 10:41 am
- रोग वर्जित10:41 am – 12:11 pm
- उद्वेग वर्जित12:11 pm – 1:41 pm
- चर सामान्य1:41 pm – 3:11 pm
- लाभ शुभ3:11 pm – 4:41 pm
- अमृत उत्तम4:41 pm – 6:10 pm
रात
- चर सामान्य6:10 pm – 7:41 pm
- रोग वर्जित7:41 pm – 9:11 pm
- काल वर्जित9:11 pm – 10:41 pm
- लाभ शुभ10:41 pm – 12:11 am
- उद्वेग वर्जित12:11 am – 1:42 am
- शुभ शुभ1:42 am – 3:12 am
- अमृत उत्तम3:12 am – 4:42 am
- चर सामान्य4:42 am – 6:12 am
तिथि, नक्षत्र, योग और करण सूर्योदय के समय के हैं, हर एक की समाप्ति के समय के साथ। इस स्थान और तिथि के लिए ग्रह स्थितियों से गणना। राहु काल कैसे निकलता है
सामान्य प्रश्न
पंचांग क्या है?
हिंदू पंचांग। इसके पाँच अंग हैं — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन्हीं से व्रत, पूजा और शुभ कार्यों का समय चुना जाता है।
राहु काल क्या है और कैसे निकलता है?
राहु काल सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान का आठवाँ भाग है। कौन सा भाग, यह वार पर निर्भर है। यह लगभग डेढ़ घंटे का होता है और नए काम की शुरुआत में टाला जाता है। सूर्योदय शहर के अनुसार बदलता है, इसलिए राहु काल भी।
अभिजित मुहूर्त क्या है?
दिन के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ, स्थानीय मध्याह्न के आसपास। महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए प्रचलित है, पर परंपरा से बुधवार को नहीं।
कौन सा चौघड़िया शुभ है?
दिन और रात, दोनों आठ-आठ चौघड़ियों में बँटते हैं। अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं और चर यात्रा के लिए ठीक है; रोग, काल और उद्वेग नए काम के लिए टाले जाते हैं।