मुफ़्त जन्म कुंडली

उत्तर भारतीय चार्ट, ग्रह, नक्षत्र और दशा।

शहर से अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र निकाला जाता है।

यह कैसे काम करता है

  • ग्रह जन्म के सटीक मिनट और स्थान के लिए खगोलीय एफ़ेमेरिस से निकाले जाते हैं, फिर लाहिड़ी अयनांश से निरयन राशिचक्र में।
  • समय क्षेत्र स्थान से लिया जाता है, पुराने अंतर सहित — इसलिए 1970 का कोलकाता और 2005 का टोरंटो जन्म, दोनों सही आते हैं।
  • आपको उत्तर भारतीय चार्ट, हर ग्रह की राशि, अंश, नक्षत्र और भाव, और तिथियों सहित विंशोत्तरी दशा मिलती है।

सामान्य प्रश्न

कुंडली क्या है?

कुंडली (जन्म कुंडली) आपके जन्म के सटीक समय और स्थान पर निरयन राशिचक्र में सूर्य, चंद्र, ग्रहों, राहु और केतु की स्थिति का नक्शा है। इसके 12 भाव लग्न से गिने जाते हैं — जन्म के समय पूर्व क्षितिज पर उदित राशि।

कुंडली बनाने के लिए क्या चाहिए?

जन्म तिथि, समय और स्थान। समय से लग्न और भाव तय होते हैं, जो लगभग हर दो घंटे में एक राशि आगे बढ़ते हैं। जन्म समय के बिना भी हर ग्रह की राशि और नक्षत्र मिलते हैं, पर चार्ट लग्न की जगह चंद्र राशि से बनता है।

यह कुंडली कौन सा अयनांश इस्तेमाल करती है?

लाहिड़ी (चित्रापक्ष) अयनांश — जो भारत के राष्ट्रीय पंचांग के लिए अपनाया गया है और अधिकांश छपे पंचांग इस्तेमाल करते हैं। ग्रह स्थितियाँ खगोलीय एफ़ेमेरिस से ली जाकर निरयन राशिचक्र में बदली जाती हैं।

विंशोत्तरी दशा क्या है?

ग्रह दशाओं (महादशा) का 120 वर्ष का चक्र। यह कहाँ से शुरू होगा, यह जन्म के समय चंद्र के नक्षत्र पर निर्भर है। अवधियाँ: केतु 7 वर्ष, शुक्र 20, सूर्य 6, चंद्र 10, मंगल 7, राहु 18, गुरु 16, शनि 19 और बुध 17।

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